Plant Diseases

मुरझा रहे हैं लहसुन के पत्ते? तुरंत करें ये उपाय!

मुरझा रहे हैं लहसुन के पत्ते?
Written by Gramik

प्रिय पाठकों, ग्रामिक के इस ब्लॉग सेक्शन में आपका स्वागत है!

यदि लहसुन के पत्ते मुरझाए या पीले पड़ने लगे, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है कि फसल को किसी प्रकार की समस्या हो सकती है। इससे लहसुन की गांठों का आकार और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। तो आइए जानते हैं कि लहसुन के पत्ते मुरझाने के क्या कारण हो सकते हैं, और उनका बचाव कैसे करें।

लहसुन के पत्ते मुरझाने के कारण

लहसुन के पत्ते मुरझाने के कारण

माहू का प्रकोप: 

माहू छोटे कीट होते हैं जो पत्तियों पर आकर उनसे रस चूसते हैं। इससे पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और पौधे की विकास दर धीमी हो जाती है।

पत्तियों पर धब्बा रोग: 

यह एक फंगल इन्फेक्शन है, जिससे पत्तियों पर काले या भूरे धब्बे हो जाते हैं। इससे पत्तियां धीरे-धीरे मुरझाती हैं और पौधे की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।

पानी की अधिकता: 

लहसुन को अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती। अत्यधिक पानी से मिट्टी में जलभराव हो जाता है, जिससे पत्तियां मुरझा जाती हैं और गांठों पर असर पड़ता है।

नाइट्रोजन की कमी: 

यदि लहसुन को पर्याप्त नाइट्रोजन खाद नहीं मिलती, तो पत्तियां पीली पड़ सकती हैं, जिससे पौधे का विकास रुक जाता है।

लहसुन के पत्तों की देखभाल के उपाय

अगर आपके लहसुन के पत्ते मुरझाए हुए हैं या पीले पड़ गए हैं, तो सबसे पहले कारण का पता लगाना जरूरी है। इसके बाद विशेषज्ञों से सलाह लेकर सही उपाय करना चाहिए, ताकि फसल में नुकसान न हो।

लहसुन के पत्तों की देखभाल के उपाय

यूरिया का उपयोग: 

यदि पत्तियों की पीलापन नाइट्रोजन की कमी के कारण हो रहा है, तो यूरिया का छिड़काव फायदेमंद हो सकता है। खेत में सिंचाई या निराई-गुड़ाई के बाद यूरिया का छिड़काव जरूर करें।

जलनिकासी का ध्यान रखें: 

यदि खेत में अधिक पानी है, तो उसका तुरंत निकास सुनिश्चित करें। जलभराव से बचने के लिए मिट्टी की ड्रेनेज क्षमता पर ध्यान दें।

रोग नियंत्रण के लिए रसायन: 

डाईथेन एम 45 (2 ग्राम प्रति लीटर पानी) का घोल बनाकर 15 दिनों के अंतराल पर दो बार छिड़काव करें। यह पत्तियों पर धब्बा रोग और फंगस को नियंत्रित करने में मदद करेगा। रोगर (1 मि.ली. प्रति लीटर पानी) का घोल भी छिड़काव करें।

नाइट्रोजन, फास्फोरस, और पोटाश का छिड़काव: 

फसल में घुलनशील नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश (80 ग्राम प्रति लीटर पानी) का छिड़काव करें। यह पौधे के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करेगा।

मिट्टी की जांच करें: 

अगर पत्तियां पीली पड़ रही हैं तो यह क्लोरोसिस का संकेत हो सकता है। इसके लिए मिट्टी की जांच कराएं और पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए उचित खाद का उपयोग करें।

लहसुन की देखभाल के लिए अन्य सामान्य टिप्स

लहसुन की देखभाल के लिए अन्य सामान्य टिप्स

सही मिट्टी का चुनाव: 

लहसुन को ढीली और सूखी मिट्टी में उगाना चाहिए, जहां जल निकासी का अच्छा बंदोबस्त हो। मिट्टी का पीएच मान 6 से 7 के बीच होना चाहिए।

सूर्य की पर्याप्त किरणें: 

लहसुन के पौधों को सूरज की रोशनी की जरूरत होती है। इसलिए खेत में किसी भी प्रकार की छांव या बड़े पेड़-पौधों से बचने की कोशिश करें, ताकि पत्तियों पर सूर्य की किरणें ठीक से पड़ सकें।

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Gramik

1 Comment

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