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मौसम रिपोर्ट: किसानों के लिए कैसा रहेगा 2023 का मानसून - Gramik
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मौसम रिपोर्ट: किसानों के लिए कैसा रहेगा 2023 का मानसून

Written by Gramik

मौसम रिपोर्ट 2023: जानें किसानों के लिए कैसा रहेगा इस साल का मॉनसून!

देश में बारिश ने देर से ही सही, लेकिन दस्तक दे दी है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने 13 जून को एंट्री ली। इससे आग बरसा रहे मौसम से कुछ राज्यों को राहत मिली है। हालांकि, मानसून का पूरे देश में पहुंचना अभी बाकी है। जैसे उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली राज्यों में लोगों को, विशेषकर किसानों को मानसून का अभी भी बेसब्री से इंतज़ार है।

IMD Weather Update: कब आएगा मॉनसून?

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हाल ही में जारी किए गए अलर्ट में जानकारी दी है, कि केरल से एंट्री लेने के बाद मानसून कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडू और पूर्वोत्तर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार मध्यप्रदेश, उत्तराखंड व यूपी में 15 से 20 जून तक, वहीं बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में 15 जून तक मानसून आने की उम्मीद जताई जा रही थी, हालांकि अब इसमें देरी देखी जा रही है।

मॉनसून में देरी का कारण माना जा रहा चक्रवात बिपरजॉय

चक्रवात बिपरजॉय भारत के इतिहास का सबसे लंबे समय का चक्रवात था। इस चक्रवात के धीमा पड़ने के बाद भी इसका असर कुछ दिनों तक महसूस किया जा सकता है। चक्रवात के कारण गुजरात के पश्चिमी तट और इससे सटे राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश हुई है। आने वाले दिनों में इसके कारण उत्तर पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। आपको बता दें कि देश के ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून के आने में देरी हो सकती है। इसका कारण चक्रवात को बताया जा रहा है।

IMD के मुताबिक, मॉनसून आने से पहले चक्रवात का बनना कोई असामान्य घटना नहीं है। इस साल, बिपरजॉय लगभग उस समय आया, जब मॉनसून केरल तट से टकराने वाला था। आम तौर पर मॉनसून की शुरुआत के दौरान अरब सागर में चक्रवात देश में मॉनसून के लिए अच्छा नहीं माना जाता है,  क्योंकि यह हवा के पैटर्न को बदलता है।

किसानों के लिए इस साल कैसा रहेगा मॉनसून?

देश के मौसम विभाग की मानें तो इस साल देश में मॉनसून सामान्य रह सकता है। साल भर औसत 96 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग का ये भी कहना है कि मानसून के दौरान अगस्त-सितंबर में अल नीनो का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, अल नीनो का प्रभाव बहुत ज्यादा नहीं होगा।

सामान्य मॉनसून की स्थिति में बारिश होने से फसलों को फायदा मिल सकता है। हालांकि, बारिश कम होने पर पैदावार को नुकसान होने की संभावना रहती है। मानसून पूर्वानुमान में यह उम्मीद की जा रही है कि साल 2023 का मॉनसून सामान्य रहेगा। अच्छी बारिश होने की स्थिति में अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है, लेकिन इस साल के लिए भारतीय मौसम विभाग और प्रायवेट संस्था स्काईमैट के मौसम पूर्वानुमान में अंतर है इसलिए आने वाला समय बताया कि किसका पूर्वानुमान सटीक बैठता है।

स्काईमेट ने बताया कमजोर मॉनसून

इससे पहले weather update देने वाली प्राइवेट एजेंसी स्काईमेट ने मॉनसून 2023 का पूर्वानुमान जारी किया था। स्काईमेट की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल सामान्य से कम मॉनसून का अनुमान है। मतलब बारिश सामान्य से कम रह सकती है। स्काईमेट के अनुसार, सामान्य बारिश होने की सिर्फ 25 प्रतिशत संभावना है। दरअसल, ला नीना खत्म हो चुका है, लेकिन आने वाले दिनों में अल नीनो के चलते मानसून के कमजोर रहने की संभावना जताई जा रही है।

अल नीनो क्या है? जानने के लिए पढ़े हमारा पिछला ब्लॉग

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